चिमनी (संज्ञा)
किसी फैक्ट्री, मकान आदि में ऊपर की ओर बना हुआ छेद जिससे धुँआ बाहर निकलता है।
दयालु (विशेषण)
जिसमें दया हो। जो नृशंस न हो।
उल्टी (संज्ञा)
पेट में की वस्तुओं का स्वतः मुँह से बाहर आने की क्रिया।
तरबूज (संज्ञा)
बड़ा, मोटा और गोल फल जिसका गूदा लाल व बीज काले होते हैं।
चन्दन (संज्ञा)
चंदन की लकड़ी को जल में घिस या रगड़कर बनाया हुआ गाढ़ा घोल या लेप जिसका टीका आदि लगाया जाता है।
तारकशी (संज्ञा)
तार खींचने का काम।
धन-संपत्ति (संज्ञा)
धन-दौलत और जायदाद आदि जो किसी के अधिकार में हो और जो ख़रीदी और बेची जा सकती हो।
जलसा (संज्ञा)
आनंद या उत्साह का समारोह जिसमें ख़ाना -पीना या गाना-बजाना आदि हो।
मरुवा (संज्ञा)
तुलसी की तरह का सुगंधित पत्तियों वाला एक जंगली पौधा।
अश्विन (संज्ञा)
भारतीय महीनों में भाद्रपद के बाद और कार्तिक के पहले का महीना जो अंग्रेजी महीने के सितम्बर और अक्टूबर के बीच में आता है।