ऋतु (संज्ञा)
प्राकृतिक अवस्थाओं के अनुसार वर्ष के दो-दो महीने के छह विभाग जो ये हैं - वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर।
नरकुल (संज्ञा)
बेंत की तरह का एक प्रसिद्ध पौधा जिसकी डंठलों से कलमें, चटाइयाँ आदि बनती हैं।
निर्वाह करना (क्रिया)
आवश्यकता से कम में काम चलाना।
खस्ताहाल (विशेषण)
जो दुर्दशा से ग्रस्त हो।
मंजीरा (संज्ञा)
संगीत में ताल देने के काम आनेवाली दो कटोरियाँ जिनके टकराने से शब्द होता है।
मृग (संज्ञा)
एक शाकाहारी चौपाया जो मैदानों और जंगलों में रहता है।
लकड़बग्घा (संज्ञा)
भेड़िए की जाति का कुत्ता सदृश एक रात्रिचर जंगली पशु जो विशेषकर अफ़्रीका एवं दक्षिण एशिया में पाया जाता है।
हवाले करना (क्रिया)
जिम्मेदारी देना या किसी के जिम्मे करना।
विभावरी (संज्ञा)
सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच का समय।
लाव-लश्कर (संज्ञा)
लश्कर और उसका असबाब या सामान।