केवड़ा (संज्ञा)
एक सफ़ेद, सुगंधित, काँटेदार फूल।
शेषनाग (संज्ञा)
पुराणों के अनुसार हजार फनों वाला वह नाग जिसके फनों पर यह पृथ्वी ठहरी हुई है।
हकीकत (संज्ञा)
सत्य होने की अवस्था या भाव।
हर हालत में (क्रिया-विशेषण)
कैसी भी परिस्थिति में।
लेखक (संज्ञा)
वह जो लेख, कहानियों आदि की रचना करता हो।
नीलगर (संज्ञा)
वह जो कपड़ा रंगने का व्यवसाय करता है।
बलवान (संज्ञा)
वह पुरुष जो बल या ताक़त वाला हो या साहसपूर्ण या वीरतापूर्ण कार्य करता हो।
निपटारा (संज्ञा)
निपटने या निपटाने की क्रिया या भाव।
खंभा (संज्ञा)
पत्थर, लकड़ी, आदि का बना गोल या चौकोर ऊँचा खड़ा टुकड़ा या इस आकार की कोई संरचना।
सरोवर (संज्ञा)
लम्बा-चौड़ा जलाशय विशेषकर प्राकृतिक।